कुछ तो हमारी भाईगिरी के अंदाज़ से जल जाते हैं।
क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार नहीं आता।
ये वो रिश्ते हैं जो वक़्त से नहीं दिल से बनते हैं।
“हर याद में तेरी मुस्कान, हर मन में तेरा सम्मान।”
शायद उन्हें कोई दोस्त तुम-सा नहीं मिलता।
“तेरी यारी का हर रंग खूबसूरत, जैसे सुबह की पहली किरण।”
दोस्ती हमारी Dosti Shayari ताकत नहीं, हुनर बन चुकी है,
दिल नहीं देखे जाते, बस फायदा ताका जाता है।
ਪਰ ਦੋਸਤ ਜਿਹੜਾ ਰੂਹ ਨੂੰ ਛੂਹ ਜਾਵੇ, ਵਖਰਾ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਏ।
मैं रहूँ ना रहूँ, मेरे दोस्तों को सलामत रखना।
तेरी दोस्ती मेरी ज़िंदगी का सबसे अनमोल तोहफा है,
“तेरी बातों में जो सुकून है, वो कहीं और कहाँ मिलेगा।”
क्या ये शायरी बचपन या स्कूल के दोस्तों के लिए उपयुक्त हैं?
फिर एंड में बोलेगा – कुछ नहीं हो सकता तेरा।